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शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ने श्रीमती कल्पना शर्मा को बनाया आत्मनिर्भर (खुशियों की दस्तां)

मुरैना | 21-फरवरी-2020
 



 

    दत्तपुरा मुरैना निवासी श्रीमती कल्पना शर्मा पत्नि राकेश शर्मा को प्रदेश की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ने आत्मनिर्भर बना दिया है, यब सब खादी ग्रामोद्योग द्वारा साकार हुआ है। 
    श्रीमती कल्पना शर्मा ने बताया कि मैं शिक्षित होकर भी बेरोजगार थी। मैं एक हाउसवाईफ बनकर रह गई थी, पति शिक्षक और मैं भी स्नातक होने के बाद भी घर में बर्तन, झाड़ू, पौछा कर से तंग आ गई थी। मन में अनेक प्रकार के ख्याल आते थे कि हम पोस्ट ग्रेज्युशन होने के बाद भी पति का घर खर्च चलाने में सहयोग नहीं कर पा रहे है। एक दिन मैंने पति श्री राकेश शर्मा से कहा कि क्यों न मुझे कोई कम्प्यूटर सेन्टर खुलवा दों, क्योंकि मैं कम्प्यूटर में अनुभव भी रखती हूँ। पति ने दबी जुबान से कहा कि कम्प्यूटर खरीदने के लिये इतनी राशि नहीं कि मैं तुम्हे कम्प्यूटर सेन्टर खुलवा सकूं।  
    श्रीमती कल्पना शर्मा ने समाचार पत्रों में एक दिन खादी ग्रामोद्योग से ऋण प्राप्त करने का विज्ञापन प्रकाशित हुआ। जिसमें मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत सायबर कैफे प्रारंभ करने के लिये शासन से 5 से 10 लाख रूपये का ऋण लेने का  विज्ञापन प्रकाशित हुआ। इस पर मैंने आवेदन मंगाकर पति के माध्यम से ऑनलाइन कराया और मुझे कुछ समय बाद साढ़े 4 लाख रूपये का ऋण स्वीकृत हुआ। जिसमें 35 प्रतिशत की मार्जिन मनीं शासन ने प्रदान की। मेरे द्वार सायबर कैफे की दुकान खोली गई। दुकान पर अच्छा काम आने लगा। धीरे-धीरे आमदनी के स्त्रोत बड़े तो मैंने 9 हजार प्रतिमाह के मान से बैंक कर्जा चुकाना शुरू किया। अब मात्र मेरे पर ढ़ाई लाख रूपये शेष बचे है। आमदनी अच्छी होने से घर का खर्च पूरा में संभालती हं। पति के वेतन से घर के शादी, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और अन्य खर्चे होते है। मुझे प्रदेश की मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ने आत्मनिर्भर बना दिया है।



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