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शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020

नवाचार अंतर्गत केज कल्चर से किया जा रहा मछली पालन "खुशियों की दास्तां"

होशंगाबाद | 20-फरवरी-2020
 



 

 

 


 

   राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिला पंचायत होशंगाबाद द्वारा गठित स्व सहायता समूहो एवं सहकारी समिति के सदस्यों द्वारा आदिवासी विकासखंड केसला के दूरस्थ ग्राम चिचवानी में स्थित शासकीय तालाब में नवाचार के रूप में मछली पालन विभाग की नीलक्रांति योजना अंतर्गत केज कल्चर विधि से मछली पालन की शुरूवात की गई है। इस विधि के माध्यम से तालाब में लगभग 96 वर्ग मीटर के तैरते एक बंद पिंजरे में मछली पालन किया जाता है। इस तकनीक की मदद से कम क्षेत्र में अधिक मछलियों का पालन किया जा सकता है और वह सुरक्षित भी रहती है, न तो बड़ी मछली छोटी मछली का शिकार करती है और न ही चोरी होने का डर रहता है। पूर्व में समूह सदस्यों द्वारा पारंपरिक पदधति से पछली पालन गतिविधि की जा रही थी, जिससे उन्हें अपेक्षाकृत कम उत्पादन एवं आमदनी प्राप्त हो रही थी। आजीविका मिशन के प्रयासों से मत्स्य पालन विभाग द्वारा तकनीकी प्रशिक्षण एवं केज निर्माण हेतु अनुदान प्रदाय किया गया। समूह सदस्यों द्वारा आजीविका लोन एवं बैंक ऋण की राशि रूपये 2,50,000/- से गतिविधि संचालित की जा रही है। वर्तमान में उन्नत प्रजाति की पंगेशियश नामक 10 हजार मछलियों का पालन केज कज्चर विधि द्वारा किया जा रहा है। मई माह तक लगभग 08 टन मछली उत्पादन की संभावना है, जिनका अनुमानित एवं संभावित विक्रय मूल्य 10 लाख रूपये होगा। इस गतिविधि से समूह को लगभग 04 से 05 लाख रूपये की अनुमानित आय होने की संभावना है।




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