
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मप्र की 08 करोड जनता का भविष्य बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर एवं विभागीय अधिकारी प्रयास करें। किये गये कार्यो का आंकलन मेरिट के आधार पर किया जावेगा। उन्होने केन्द्र एवं राज्य सरकार की हर योजना में मप्र नंबर 01 पर आना चाहिए। वे आज राज्य स्तरीय वीसी के माध्यम से संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर एवं विभाग प्रमुख तथा जिला अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। इस दौरान प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह वैश तथा डीजीपी श्री विवेक जौहरी एवं संबंधित विभागो के एसीएस, पीएस एवं विभाग प्रमुख उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि क्रांतिकारी बिरसा मुण्डा की जयंती 15 नवंबर को जनजातिय गौरव दिवस के रूप में मनाया जावेगा। उन्होने प्रशासनिक अधिकारियों एवं प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आत्म निर्भर मध्यप्रदेश का रोड मैप हमारे लिए वज्र संकल्प है। इस संकल्प को तीन वर्ष में धरातल पर उतारा जावेगा। जिसको धरातल पर उतारने के लिए शासकीय सेवक दिन रात मेहनत करें तथा प्रदेश की प्रगति व विकास के लिए समर्पित रहे। उन्होने कहा कि हम सभी को मिलकर प्रदेश की 8 करोड जनता का भाग्य व भविष्य बेहतर बनानें का कार्य करना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा के दौरान उक्त निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारत सरकार की हर योजना में मध्यप्रदेश नंबर एक पर रहे इसके लिए सबको मिलकर कार्य करना है। उन्होने कहा कि अब विकास की मानीटरिंग में जनता को भी सहभागी बनाया जाएगा। इसके लिए वार्ड से लेकर पंचायत, जनपद, जिला तथा प्रदेश स्तर तक दीन दयाल अन्त्योदय समितियां गठित की जाएगी। प्रत्येक माह के प्रथम सोमवार को रोड मैप के क्रियान्वयन की समीक्षा तथा आगामी लक्ष्यों का निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश स्तर पर डैशबोर्ड बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर से भी आकस्मिक जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। उन्होने कहा कि अच्छे कार्य करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों को पुरूस्कृत किया जावेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों के एक एक दानें का उपार्जन किया जाएगा। उन्होने उपार्जन संबंधी सभी तैयारियां व्यवस्थित तरीके से करनें तथा उपार्जन हेतु प्रदेश के बाहर से आने वाले अनाज पर निगरानी रखनें तथा ऐसा करने वालों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही करनें के निर्देश दिए। उन्होने राशन वितरण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी पात्रताधारी परिवारो को पात्रता पर्ची एवं खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित किया जाए। पात्र परिवार समय पर खाद्यान्न का उठाव कर लें तथा भारत सरकार द्वारा निशुल्क अनाज वितरण का कार्य भी शीघ्र पूरा किया जावे। उन्होने ने कहा कि राशन माफिया के विरूद्ध कडी से कडी कार्यवाही की जाए। ऐसे लोग जो गरीबों का खाद्यान्न डकारने का प्रयास करते है वे समाज के लिए कलंक है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाये जावे। जिसके अंतर्गत सफेदपोश माफिया को क्रश किया जाए। साथ ही उनके विरूद्ध ऐसी कार्यवाही की जाए कि वे दोबारा सर नही उठा सके। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि खाद्य पदार्थो में मिलावट करने वाले लोग मानवता के दुश्मन है। ऐसे लोगो के विरूद्ध एनएसए जैसे प्रावधानों के तहत सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। इसी प्रकार खाद्य अपमिश्रण को रोकने के लिए विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम गठित की जाए। जिसके माध्यम से कार्यवाही को अंजाम दिया जावे। उन्होने कहा कि श्योपुर जिले के आदिवासी विकासखण्ड कराहल के गांव बरगवां में आयोजित आदिवासी चौपाल में पहुंचा था। साथ ही वहां के विकास और अनुसूचित जनजाति के लिए दी गई सुविधाओ की हकीकत जानी थी। जिसके अंतर्गत सभी पात्र सहरिया परिवारों को राशन और योजना का लाभ पहुचाना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना (प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि), नवीन पात्रता पर्ची धारी हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सम्बन्ध में चर्चा, पथ विक्रेता उत्थान योजना (शहरी एवं ग्रामीण), स्वसहायता समूहों का सशक्तिकरण, त्यौहार एवं कोविड-19 के संबंध में निर्देश आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण, एक जिला - एक उत्पाद योजना के क्रियान्वयन के संबंध में लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन पोर्टल पर परिसम्पत्ति की जानकारी अद्यतन दर्ज करना, समस्त नगरीय निकायों में एकल खाता प्रणाली लागू करने के संबंध में, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायतों में रखी हुई अनुपयोगी राशि के संबंध में चर्चा कर जिला कलेक्टर एवं अधिकारियों को निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेत माफियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश प्रशासनिक अधिकारियों को दिये। उन्होने कहा कि वन और राजस्व भूमि पर नये कब्जा नही होना चाहिए। कब्जा करने वालों पर कार्यवाही होना चाहिए। उन्होने कहा कि स्वसहायता समूह कपडा भी खरीदेगे। उनसे दौरे में संवाद किया जावेगा। इस दिशा में शासकीय कार्य में आउटपुट दिखना चाहिए। उन्होने कहा कि कोविड-19 के अंतर्गत फिजिकल डिस्टेसिंग और मास्क लगाने की प्रक्रिया को शीत काल के मद्देनजर जारी रखा जावे। उन्होने कहा कि लोक संपत्ति विभाग का गठन किया गया है। जिसके नोडल आफिसर भी नियुक्त किये गये है। खाद वितरण की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जावे। साथ ही बिजली कंपनी द्वारा किसानों को दिन में 06 घंटा एवं रात में 04 घंटा बिजली दी जावे। दीपावली के त्यौहार पर बिजली व्यवस्था सुचारू जारी रखी जावे। उन्होने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप को सर्वोच्चय प्राथमिकता दी जावे। साथ ही रोजगार के टारगेट तय करें। जिसमें रोजगार मेला और प्रायवेट कंपनियों के माध्यम से रोजगार दिलाने की पहल को अमल में लाया जावे।
एनआईसी श्योपुर में उपस्थित प्रशासनिक अधिकारी
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की वीसी के दौरान एनआईसी श्योपुर में उपस्थित कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक श्री सम्पत उपाध्याय, जिला पंचायत के सीईओ श्री राजेश शुक्ल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पीएल कुर्वे, डिप्टी कलेक्टर श्री बिजेन्द्र सिंह यादव, विधुत कंपनी के महाप्रबंधक श्री दिनेश सुखिजा, एलडीएम श्री सुरेन्द्र पाठक, डीपीएम आजीविका मिशन श्री एसके मुदगल, सीएमएचओ डॉ बीएल यादव, जीएमडीआईसी श्री एसआर चौबे, सीएमओ नपा सुश्री मिनी अग्रवाल एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
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