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गुरुवार, 3 दिसंबर 2020

भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सौर ऊर्जा का शत-प्रतिशत उपयोग जरूरी ब्रांड एंबेसडर- प्रो. चेतन सिंह सोलंकी एनर्जी स्वराज यात्रा इंदौर पहुंची

इन्दौर | 


 

   मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा के प्रचार-प्रसार और आम नागरिकों में जन-जागृति लाने के लिए एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के माध्यम से शुरू की गई एनर्जी स्वराज यात्रा आज इंदौर पहुंची। यह यात्रा मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सौर ऊर्जा के संबंध में जन-जागृति के लिए बनाए गए ब्रांड एंबेसडर प्रो. चेतन सिंह सोलंकी की अगुवाई में इंदौर आई है।
   यात्रा का पड़ाव आज इंदौर के प्रसिद्ध छप्पन दुकान परिसर में रहा। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. चेतन सिंह सोलंकी ने कहा कि सौर ऊर्जा को अपनाने से आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। युवा सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उधमिता को अपनाएं। इससे हम अपने भविष्य को सुरक्षित कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य को सुरक्षित रखना है, तो हमें बिजली के कनेक्शन को पूरी तरह से छोड़ना होगा और शत-प्रतिशत रूप से सौर ऊर्जा को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि बदलते हुए परिवेश में पृथ्वी की परिस्थिति तेजी से बदल रही है ग्लोबल वार्मिंग का खतरा हमारे सामने हैं। इससे बचने के लिए सौर ऊर्जा ही एकमात्र विकल्प है।
   कार्यक्रम के प्रारंभ में एडीएम श्री अजय देव शर्मा ने कहा कि इंदौर में सौर ऊर्जा के प्रसार की अपार संभावनाएं है। इंदौर में सौर ऊर्जा के उपयोग के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है।
   मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा को अधिक से अधिक लोकप्रिय बनाने के प्रयास किये जा रहे है। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश के लिये मध्यप्रदेश के ही युवा प्रो. चेतन सोलंकी को ब्रांड एम्बेसेडर बनाया है। प्रो. सोलंकी जन-जागृति के लिये परिवार से दूर रहकर 11 वर्ष की एनर्जी स्वराज यात्रा पर निकले हैं। इस यात्रा का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गत 26 नवम्बर को भोपाल में किया है।

एनर्जी स्वराज यात्रा का उद्देश्य

   प्रो. चेतन सोलंकी इंदौर संभाग के खरगोन जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने इंदौर में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने गत 20 वर्ष से सौर ऊर्जा पर नवाचार और शोध कार्य किया है। उन्हें आई.ई.ई.ई. संस्था ने 10 हजार डॉलर का एवार्ड दिया है। इसके साथ ही उन्हें प्राइम मिनिस्टर एवार्ड फॉर इनोवेशन दिया जा चुका है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उनके कार्य को इसलिये भी सम्मान प्राप्त है क्योंकि उन्होंने "ऊर्जा स्वराज" शब्द गढ़ा है। ऊर्जा स्वराज यात्रा दिसम्बर 2030 तक चलेगी। इसका उद्देश्य जन-जन को सौर ऊर्जा के उपयोग और उसके महत्व से अवगत करवाना है। ऊर्जा स्वराज आन्दोलन जलवायु परिवर्तन की दिशा में लोगों को सचेत करते हुए सौर ऊर्जा को एक समाधान के रूप में अपनाने के लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है।
 



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