सतना:-पीसीसी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का दौरा कार्यक्रम
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा के स्व. पिता पूर्व सांसद सुखलाल कुशवाहा की जयंती कार्यक्रम में शामिल होने सतना पहुंचे बीटीआई ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में जाने से पहले कमलनाथ मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होने देशी- विदेशी, निवेश, बेरोजगारी को लेकर शिवराज सिंह पर जमकर निशाना साधा
सतना विंध्य का द्वार माना जाता है ,सतना का इतिहास कई साल पुराना है सतना हिंदू धर्म से ऐतिहासिक रूप से जुड़ा हुआ है।
रामायण काल में भगवान राम का आगमन चित्रकूट में हुआ था हमने राम गमन पथ की शुरुआत की थी हमारी सरकार ने राम गमन पथ के लिए 22 करोड़ रुपए आवंटित किए थे । मुझे दुख है यह 22 करोड़ रुपए कहां गए इसका कोई हिसाब किताब वर्तमान सरकार के पास नहीं है।
* यह क्षेत्र प्राकृतिक एवं खनिज संसाधनों का केंद्र है, दुर्भाग्य से आज यहां औद्योगिकरण ठप्प है। जो 25 साल 30 साल पुरानी सीमेंट फैक्ट्रीया है वह है परंतु उसके बाद कोई नया निवेश नहीं आया है।
* क्षेत्र में रोजगार तभी आता है जब निवेश आता है यह विश्वास से आता है विश्वास तभी बनता है जब आर्थिक गतिविधियां तेज होती हैं।
* आज किस प्रकार से पूरे प्रदेश में किसानों के साथ अन्याय हुआ किस प्रकार से किसानों को बीज खाद के लिए भटकना पड़ा लाइनों में लगना पड़ा किसानों को उचित मूल्य नहीं मिला l
* आज भारतीय जनता पार्टी के पास सिर्फ पुलिस प्रशासन और पैसा है यह तस्वीर आज मध्यप्रदेश की है, मुझे मध्य प्रदेश के जागरूक मतदाताओं पर पूरा भरोसा है के कि वे प्रदेश की इस तस्वीर को सामने रखकर आगामी चुनाव में अपना मतदान करेंगे।
* पत्रकारों के प्रमुख सवाल..
जातीय सम्मेलनों में शामिल होने के सवाल पर
*हमारा देश एक महान देश है विश्व में ऐसा कोई देश नहीं जहां पर इतनी जातियां और इतने धर्म एक साथ सामंजस्य के साथ हैं रहते हो इसलिए हमारी संस्कृति जोड़ने की संस्कृति है और मैं भी सभी जातियों के सम्मेलनों में जाता हूं और सभी धर्म और जातियों को अपना मानता हूं।
प्रदेश में होने वाले इन्वेस्टर्स मीट के सवाल पर
* आज सुबह ही मैंने प्रमुख अखबार की हेडलाइन में पड़ा कि शिवराज सिंह कह रहे हैं कि भाषण से इन्वेस्टमेंट नहीं आता मतलब उन्हें आज 18 वर्ष बाद यह पता चला कि भाषण से इन्वेस्टमेंट या निवेश नहीं आता है। इसीलिए मैं हमेशा कहता हूं कि मुह चलाने में और सरकार चलाने में बहुत फर्क होता है।
नेताओं की अश्लील सीडी के प्रश्न पर..
* हमारी सरकार में जब इस प्रकार के वीडियो और सीडी सामने आए तब मैंने आला अधिकारियों से कहा कि इसमें आगे अच्छे से और प्रमाणिकता से इन्वेस्टिगेशन और जांच कीजिए । मैं नहीं चाहता था कि मध्यप्रदेश की बदनामी हो और मध्य प्रदेश की छवि देश और दुनिया के सामने खराब हो।
गुजरात चुनाव के विपरीत परिणाम के सवाल पर
* गुजरात में कांग्रेस का संगठन कमजोर है और हमें अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है
संगठन पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है
वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश में हमारी जीत हुई है ।
भारत जोड़ो यात्रा के सवाल पर
* मैं भारत जोड़ो यात्रा में कर्नाटक गया मैं भारत जोड़ो यात्रा में महाराष्ट्र के मालेगांव गया और मध्य प्रदेश में मैं पूरे 14 दिन भारत जोड़ो यात्रा में मौजूद रहा मैंने अपने राजनीतिक जीवन में ऐसा जोश और उत्साह नहीं देखा।
अप्रवासी भारतीयों के आयोजन एवं इन्वेस्टर्स मीट पर
* कोई भी आयोजन ऐसा हो जिससे मध्य प्रदेश का विकास होना उसका स्वागत करता हूं मैं इन्वेस्टर्स मीट का भी स्वागत करता हूं।
मैं आने वाले इन्वेस्टर से यह निवेदन करता हूं कि मध्य प्रदेश 5 प्रदेशों से घिरा हुआ है परंतु मैं फिर कहूंगा कि निवेश यह विश्वास का विषय है आप भी उसी दुकान पर सामान लेने जाते हैं जिस दुकान पर आपको भरोसा होता है।
कुछ आश्चर्यजनक आंकड़े आप लोगों के सामने रखता हूं
18 वर्षों में इन्होंने 5 ग्लोबल इन्वेस्टर मीट आयोजित की जिसमें इनके अनुसार 6500 इन्वेस्टमेंट प्रपोजल आए। अब आप लोग इसकी तहकीकात और पोस्टमार्टम कीजिए कि 6500 निवेश के प्रस्ताव जो आए थे उनका आखिर क्या हुआ।
2003 से लेकर 2018 तक 23 लाख करोड़ रुपए का विदेशी निवेश देश में आया जिसका मात्र 0.3 प्रतिशत मध्यप्रदेश में आया।
इसका मतलब 100 रुपए में से मात्र 30 पैसे मध्यप्रदेश में आया।
2020 से 2022 तक 11.8 लाख करोड़ रुपए का कुल विदेशी निवेश भारत में आया जिस पर मध्य प्रदेश का हिस्सा दोबारा 0.3 प्रतिशत रहा।
इसी छवि को मै बदलना चाहता था। क्योंकि निवेश को आप आमंत्रित नहीं कर सकते निवेश विश्वास का विषय है और अपने प्रदेश के प्रति विश्वास हमें पैदा करना पड़ता है ।
औद्योगिक नीतियां बना लेना आसान है इन्वेस्टमेंट पॉलिसी बना लेना आसान है परंतु उसका सही क्रियान्वयन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।
यदि मुख्यमंत्री बनते हैं तो मुख्यमंत्री बनने के बाद पत्रकारों के हित में क्या निर्णय होंगे
*हमारा वचन पत्र तैयार हो रहा है अपने वचन पत्र मैं हमने पत्रकारों की समस्याओं और उनकी मांगों को विशेष स्थान दिया है आने वाले समय में हम अपना वचन पत्र आप सबके सामने रखेंगे।
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